जंतर मंतर पर किसानो का विरोध प्रदर्शन-

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दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले 40 दिनों से किसान धरना प्रदर्शन कर रहे है जो अब उन्होंने 25 मई तक टाल दिया है | तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनीसामी से मुलाकात किये जाने के बाद और उनके द्वारा आश्वाशन दिए जाने के बाद मजबूर किसानो ने ये फैसला किया है | परन्तु उन्होंने यह कहा है की यदि उनकी मांगे पूरी न हुई तो वे फिर जंतर मंतर पर वापस आकर प्रदर्शन करेंगे|

 

किसानो द्वारा अपनी मांगे पूरी न होने पर किया गया यह आंदोलन किसान आंदोलन के इतिहास मे एक अलग ही स्थान रखता है | ऐसा आंदोलन पिछले 35 – 40 सालो मे देखने को नहीं मिला है | इस आंदोलन मे मात्र 100 किसानों ने हिस्सा लिया था | जंतर मंतर पर किया गया ये किसान आंदोलन वह रह रहे मिडिल क्लास लोगों को महज एक ड्रामा लग रहा था | उनका कहना था की यह एक बहुत ही बुरा तरीका है और इस प्रकार सरकार के सामने  नाटक करके कोई फायदा नहीं है | यह नजरिया हमारे देश के मिडिल क्लास लोगो की मानसिकता को दर्शता है |

 

लोगो को केवल अपनी सुख सुविधाओं से मतलब है बाकि दुनिया मे चाहें जो भी हो रहा हो या कुछ भी घट रहा हो उससे उन्हें कोई मतलब नहीं | किसान क़र्ज़ मे डूबा हुआ है और समय पर बैंको का क़र्ज़ नहीं चुका पा रहा है | सबसे विचित्र बात यह है की एक महिला पूरी तरह नग्न हो कर प्रदर्शन करने के लिए तैयार थीं |उससे जब इसका कारण पूछा गया तो उसका कहना था की उसके पास काफी जमीन है लेकिन उससे उतनी आमदनी नहीं होती कि घर परिवार चल पाए |

 

कुछ ऐसा ही सूखे की परिस्थितियाँ तमिलनाडु मे भी चल रही है | अदालत से फैसला आ जाने के बाद भी कर्नाटक, तमिलनाडु को उसके हक का कावेरी का पानी नहीं दे रहा है जिससे परिस्थितियाँ और भी गंभीर होती जा रही है | पंजाब मे भी किसानों के हालात कुछ ठीक नहीं है | किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है और उनके पास कर्ज़ से उबरने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है |

 

किसानो के इस आंदोलन से यह बात तो समझी जा सकती है की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात सत्ता प्रतिष्ठानों तक पहुंचाने के लिए बहुत ज्यादा जोर लगाना पडता है | पंजाब के खेतो की जमीनों को दुनिया की सबसे ज्यादा उपजाऊ जमीनों मे गिना जाता है |98 फ़ीसदी खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, फिर भी वह किसान आत्महत्या करने को मजबूर है | इसका कारण खेती से लगातार कम हो रही आमदनी और बढ़ती लागत है |

 

सरकार द्वारा कर्ज माफी का उठाया गया कदम बहुत अच्छा है पर किसानो का कहना है की कर्ज माफ करने से ज्यादा कुछ नहीं होगा सरकार को किसानो की आमदनी बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे |

 

जंतर मंतर पर किसानो का विरोध प्रदर्शन-

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